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भारत और भूटान के बीच 5वीं संयुक्त सीमा शुल्क समूह (जेजीसी) की बैठक 6-7 मई, 2024 को लेह, लद्दाख में की गई आयोजित

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8मई। ।
भारत और भूटान के बीच 5वें संयुक्त सीमा शुल्क समूह (जेजीसी) की बैठक 6-7 मई, 2024 को लेह, लद्दाख में आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के विशेष सचिव और सदस्य (सीमा शुल्क) श्री सुरजीत भुजबल और भूटान की शाही सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व और सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक सोनम जामत्शो ने की।

5वीं जेजीसी बैठक में नए भूमि सीमा शुल्क स्टेशन खोलना और नए व्यापार मार्गों को अधिसूचित करना, बुनियादी ढांचे का विकास, पारगमन प्रक्रियाओं का स्वचालन और डिजिटलीकरण, तस्करी की रोकथाम, समन्वित सीमा पार प्रबंधन, सीमा शुल्क डेटा के आगमन पूर्व आदान-प्रदान, सीमा शुल्क सहयोग पर द्विपक्षीय समझौता और इलेक्ट्रॉनिक कार्गो प्रणाली के तहत पारगमन कार्गो की आवाजाही आदि कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

भूटान ने भूटान सीमा शुल्क प्रशासन के लिए आईआरएस कार्यक्रम सहित कार्यशालाओं, सेमिनारों और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और कौशल विकास प्रदान करने में निरंतर समर्थन के लिए भारत सरकार और विशेष रूप से केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड को धन्यवाद दिया। साथ ही, भूटान ने विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से भूटान के साथ सीमा पार व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की सराहना की।

सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को फिर से परिभाषित करने और फिर से व्यवहारिक बनाने, सीमा शुल्क सहयोग को बढ़ावा देने और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप सीमा पार व्यापार सुविधा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए भारत-भूटान संयुक्त सीमा शुल्क समूह की बैठकें हर साल आयोजित की जाती हैं। ये बैठकें भूमि सीमाओं पर सुचारू सीमा शुल्क निकासी के लिए संपर्क बढ़ाने और व्यापार बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पश्चिम बंगाल (6) और असम (4) राज्यों में भारत-भूटान सीमा पर 10 भूमि सीमा शुल्क स्टेशन (लैंड कस्टम स्टेशन) हैं।

भारत आयात के स्रोत और निर्यात गंतव्य दोनों के रूप में भूटान का शीर्ष व्यापारिक भागीदार है। 2014 के बाद से, भूटान के साथ भारत का व्यापार 2014-15 में 484 मिलियन डॉलर से तीन गुना बढ़कर 2022-23 में 1,615 मिलियन डॉलर हो गया है, जो भूटान के कुल व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत है। भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों के माध्यम से भूटान के साथ व्यापार उसके लिए खासा महत्वपूर्ण है क्योंकि भूटान एक भूमि से घिरा हुआ देश है। भूटान के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाना भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

यह बैठक आशावादी रुख के साथ संपन्न हुई। दोनों देश भारत और भूटान के बीच पूरकताओं यानी एक दूसरी की जरूरतों को पूरा करने के नए पहलुओं की खोज करने पर सहमत हुए, जिन्हें पारस्परिक लाभ के लिए अधिकतम किया जा सकता है, युवाओं की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं का जवाब दिया जा सकता है और नई प्रौद्योगिकियों और सामाजिक नवाचारों से संबंधित तेजी से हो रहे बदलावों को अपनाया जा सकता है। दोनों पक्ष आपसी समृद्धि के लिए सीमा शुल्क और व्यापारिक सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए विचार करने पर भी सहमत हुए।

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