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Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogटिकररक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया वरिष्ठ रक्षा पत्रकार संजय सिंह और मुकेश कौशिक की पुस्तक ”एयर स्ट्राइक @ बालाकोट” और ” IAF Strikes @ 0328 Hours’का विमोचन
Today, the Defense Minister released books published on the entire incident of Balakot Air Strike - "Air Strike @ Balakot" and "IAF Strikes @ 0328 Hours".

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया वरिष्ठ रक्षा पत्रकार संजय सिंह और मुकेश कौशिक की पुस्तक ”एयर स्ट्राइक @ बालाकोट” और ” IAF Strikes @ 0328 Hours’का विमोचन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,26फरवरी।
बालाकोट एयर स्ट्राइक के आज दूसरी वर्षगांठ पर है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के भीतर बालाकोट में जैश ए मोहम्मद के ठिकानों पर भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक सैन्य बलों को बधाई दी है। आज रक्षा मंत्री ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की पूरी घटना पर प्रकाशित हुई पुस्तकें- ”एयर स्ट्राइक @ बालाकोट” और ” IAF Strikes @ 0328 Hours’का विमोचन किया और इसकी पहली प्रति भी ग्रहण की।
बता दें कि वरिष्ठ रक्षा पत्रकार संजय सिंह और मुकेश कौशिक की इस पुस्तक की अंग्रेजी और हिंदी की प्रतियों का रक्षा मंत्री ने एक साथ अनावरण किया। रक्षा मंत्री ने कहा—बालाकोट एयर स्ट्राइक की वर्षगांठ के मौके पर मैं भारतीय वायु सेना के अद्वितीय साहस और कर्मठता को सलाम करता हूं। हमें अपने सैन्य बलों पर फख्र हैं जो भारत को सुरक्षित रखते हैं। वायु सेना ने मिराज विमानों से 25 एवं 26 फरवरी की रात दो साल पहले जैश के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर आतंक की जड़ों पर चोट की थी। एयर स्ट्राइक एट बालाकोट पुस्तक उस रात के पल—पल का प्रामाणिक बयान लिए हुए है। इस पूरे आपरेशन का संचालन कर रहे पश्चिमी कमान के तत्कालीन प्रमुख एयर मार्शल सी हरि कुमार ने इस पुस्तक की प्रस्तावना में बताया है कि इस स्ट्राइक में 16 मिराज विमानों को लगाया गया था। अभी तक मीडिया में 12 मिराज विमानों के शामिल होने की बात ही सामने आई थी।

बता दें कि भारतीय वायु सेना (IAF) की तरफ से पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी शिविर पर ‘मिशन’ को सिर्फ 90 सेकेंड के भीतर अंजाम दिया गया था और इस ऑपरेशन के लिए जिस तरह की सीक्रेसी रखी गई थी उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे अंजाम देने वाले पायलट के परिवार के सदस्यों को भी इस बारे में कुछ नहीं मालूम था। इस तरह के भारतीय वायुसेना के हमले में पहली बार इस्तेमाल किए गए मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के एक पालयट ने बताया था कि “यह 90 सेकेंड में पूरा हो गया था, हमने बम फेंका और वापस लौट आए।”

 

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