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“एम्स जम्मू के शुरू होने से लोग जम्मू के लोगों को अब विशेष चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा” : प्रधानमंत्री

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,20फरवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जम्मू में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में विभिन्न अन्य विकास कार्यों का उद्घाटन, शुभारंभ और शिलान्यास भी किया तथा केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की।

इस अवसर पर जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू से सांसद जुगल किशोर शर्मा उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 4 से बढ़कर 12 हो गई है। इसी तरह, इसी अवधि में, जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस सीटें दोगुनी से भी अधिक 500 से बढ़कर 1300 हो गई हैं।’ उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले पहले जम्मू-कश्मीर में कोई पीजी मेडिकल सीट नहीं थीं और आज केंद्र शासित प्रदेश में 650 पीजी मेडिकल सीटें हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में 35 नए नर्सिंग और पैरामेडिक कॉलेज भी खुल रहे हैं, जिससे नर्सिंग सीटों में भी काफी वृद्धि होगी।

एम्स जम्मू के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 15 नए एम्स जोड़े हैं, जिनमें अकेले जम्मू-कश्मीर में दो एम्स शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एम्स जम्मू के शुभारंभ के बाद, जम्मू के लोगों को अब विशेष चिकित्सा उपचार के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें बहुमूल्य समय और संसाधनों की बचत करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने देश के सभी क्षेत्रों में आधारभूत अवसंरचना के परिवर्तन की तीव्र गति पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2047 तक भारत के विकसित भारत बनने के अपने दृष्टिकोण को दोहराया और लोगों से उस अपील की कि वे विकसित भारत के दृष्टिकोण को प्राप्‍त करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि विकसित जम्मू-कश्मीर विकसित भारत की पूर्व-आवश्यकता है और जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की विभिन्न विकासात्मक और उत्थान परियोजनाओं का उद्देश्य उस दृष्टिकोण को वास्तविकता में पूरा करना है।

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एम्स जम्मू के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्‍होंने कहा कि एम्‍स जम्‍मू के शिलान्यास से उद्घाटन तक का पूरा कार्य केवल 5 वर्षों में संपन्‍न हुआ।

जम्‍मू कश्‍मीर के उपराज्‍यपाल मनोज सिन्हा ने केन्‍द्रशासित प्रदेश के लोगों की कई लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि चाहे वह हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए केंद्रीय योजनाओं का विकास और लाभ पहुंचाना हो या क्षेत्र में दो एम्स का प्रावधान करना हो, केन्‍द्र सरकार ने यहां के लोगों आशाओं को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में परिवर्तन देखा गया है, विशेष रूप से क्षेत्र के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के परिदृश्य में सुधार हुआ है, आतंकवाद में लगभग 75 प्रतिशत की कमी आई और निवेश तथा नए अवसरों की वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र बन गया है जहां एम्स, आईआईटी, आईआईएम और अन्य प्रतिष्ठित संस्थान हैं।

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में आधारभूत अवसंरचना के विकास में गति के लिए केन्‍द्र सरकार ने इस क्षेत्र को विशेष महत्‍व दिया है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई विकास परियोजनाएं आरंभ से ही बहुत महत्वाकांक्षी थीं और यह सुनिश्चित करने के लिए कि विकास अंतिम छोर तक पहुंचे, उन्हें सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री को श्रेय देते हुए धन्‍यवाद दिया।

पृष्ठभूमि:
एम्स जम्मू, एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान, विजयपुर (जम्मू) में स्थित स्वास्थ्य सेवा के लिए एक प्रमुख अत्याधुनिक विश्वसनीय उच्च गुणवत्ता वाला रेफरल सेंटर है। इसकी स्थापना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तत्वावधान में क्षेत्रीय स्वास्थ्य देखभाल असंतुलन को दूर करने, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और हमारे देश में चिकित्सा शिक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए की गई है।

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