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देशभर में 14वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस ‘वोटिंग जैसा कुछ नहीं, मैं ज़रूर वोट करता हूं’ विषय के साथ मनाया गया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 जनवरी। 14वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस पूरे देश में मनाया गया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)अर्जुन राम मेघवाल, इस अवसर पर सम्मानित अतिथि थे। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्तराजीव कुमार, निर्वाचन आयुक्त अनुप चंद्र पांडे, अरुण गोयल ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में भारत को दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र बनाने के लिए नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की शानदार यात्रा में, भारत निर्वाचन आयोग ने 17 संसदीय चुनावों और 400 से अधिक राज्य विधानसभा चुनावों के सफल संचालन में बडी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति ने कहा कि आगामी आम चुनाव 2024 में देश भर में 96 करोड़ मतदाताओं, 1.5 करोड़ चुनाव अधिकारियों और 12 लाख मतदान केंद्रों के साथ, भारतीय चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सावधानीपूर्वक योजना और कार्यान्वयन का एक प्रमाण है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक अभ्यास बनाता है। उन्होंने कहा कि मतदान में प्रौद्योगिकी का उपयोग दुनिया के लिए एक उदाहरण है, जो चुनावी प्रक्रिया में प्रगति और दक्षता के प्रति हमारे देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने सुचारू और समावेशी चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उल्लेखनीय पहल करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की। उन्होंने वर्तमान और पूर्व भारत निर्वाचन आयोग टीमों की भी सराहना की जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चुनावों का स्वतंत्र, निष्पक्ष और भागीदारीपूर्ण संचालन सुनिश्चित करती हैं।

सम्माननीय अतिथि, अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने 1952 से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के संचालन के साथ भारत के लोकतंत्र की लंबी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इतिहास के पन्नों से एक पन्ना लेते हुए, अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत के निर्माताओं ने लंबे संघर्ष के बाद संविधान में वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को प्रतिष्ठापित किया, जिसने उस काल में नव स्वतंत्र देशों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य किया। उन्होंने कहा कि कई समितियों की सिफारिशों तथा संसद की मांगों के जवाब में समय-समय पर होने वाले चुनावी सुधारों के साथ चुनावी प्रक्रियाएं विकसित हुई हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग में 96 करोड़ मतदाताओं का अटूट विश्वास चुनावों के सफल संचालन के लिए नींव और प्रेरणा का स्रोत दोनों है। वर्ष 2023 में 9 राज्यों में चुनावों के स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और शांतिपूर्ण संचालन का उल्लेख करते हुए, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आयोग आगामी संसदीय चुनावों में सभी हितधारकों को सभी राजनीतिक दलों के लिए सर्वोत्तम संभव अनुभव और समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि भारतीय चुनावों का उदाहरण दुनिया भर में उल्लेखनीय बने और पूरी दुनिया में भारत की चुनाव प्रणाली की छवि एक स्वर्ण मानक के रूप में और मजबूत हो।”

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में सबसे अग्रणी भागीदार हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि आयोग पार्टियों के साथ अपने जुड़ाव को पूर्ण प्रकटीकरण, पूर्ण भागीदारी तथा राजनीतिक दलों के साथ जुड़ने में सुनिश्चित उत्तरदायित्व के तीन स्तंभों पर आधारित करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे न केवल अपने वोट देने के अधिकार का प्रयोग करें, बल्कि लोकतंत्र का हिस्सा होने के अनुभव का आनंद लें।

निर्वाचन आयुक्त अनुप चंद्र पांडे ने यह देखते हुए कि देश ने अपनी चुनावी यात्रा में काफी प्रगति की है, कहा कि मतदाताओं का आकार पहले आम चुनाव में 17.32 करोड़ से बढ़कर आगामी आम चुनाव में संतुलित लैंगिक वितरण के साथ 96 करोड़ हो गया है। उन्होंने देश में चुनावों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए पुरस्कार विजेताओं सहित चुनाव मशीनरी की सराहना की।

निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस अवसर पर माननीय राष्ट्रपति की उपस्थिति आयोग के लिए ताकत का स्रोत थी। दर्शकों में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रमुखों का जिक्र करते हुए, अरुण गोयल ने चुनावी प्रणाली के मानदंडों और मानकों का स्वेच्छा से पालन करने के लिए राजनीतिक दलों की सराहना की। भारत को न केवल सबसे बड़ा, बल्कि सबसे पुराना लोकतंत्र बताते हुए, अरुण गोयल ने कहा कि वर्ष 1950 के बाद से, चुनावी कदमों को रहस्यमय बनाने और सरल प्रशासनिक रूप से प्रबंधनीय एवं सार्वजनिक रूप से सत्यापन योग्य प्रक्रियाओं को बनाने में भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका किंवदंतियों में है। उन्होंने कहा कि प्रेरक को बनाए रखना और जबरदस्ती का विरोध करना भारत निर्वाचन आयोग के लोकाचार तथा उसके सफलता मंत्र की पहचान रही है।

कार्यक्रम के दौरान, माननीय राष्ट्रपति महोदया ने वर्ष 2023 के लिए सर्वश्रेष्ठ चुनावी आचरण पुरस्कार प्रदान किए। आईटी पहल, सुरक्षा प्रबंधन, चुनाव प्रबंधन, सुलभता सहित विभिन्न क्षेत्रों में 2023 के दौरान चुनाव के संचालन में चुनाव, मतदाता सूची और मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में योगदान और मीडिया द्वारा पहुंच के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कुल 16 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 2023 में चुनावों के सुचारू संचालन के लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय (सीईओ) छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का पुरस्कार दिया गया।

2024 के संसदीय चुनावों के आलोक में भारत के चुनाव आयोग की राष्ट्र की सेवा के 75वें वर्ष का जश्न मनाने के लिए “समावेशी चुनाव”विषय पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया था।

 

भारत निर्वाचन आयोग के प्रकाशन की पहली प्रति ‘संसदीय चुनाव 2024 के लिए भारत निर्वाचन आयोग की पहल’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार द्वारा माननीय राष्ट्रपति को भेंट की गई। यह पुस्तक चुनावों के स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी, सुलभ और भागीदारीपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए ईसीआई के प्रत्येक प्रभाग द्वारा की गई पहलों का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करती है।

मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रसिद्ध फिल्म निर्माता राज कुमार हिरानी के सहयोग से निर्मित एक लघु फिल्म – ‘माई वोट माई ड्यूटी’ भी जारी की गई। लघु फिल्म में कई मशहूर हस्तियों को लोकतंत्र की भावना और एक वोट की शक्ति को जगाने के लिए उनके संदेशों के साथ दिखाया गया है।

समारोह के दौरान, दिल्ली के पांच नए नामांकित मतदाताओं को भी सम्मानित किया गया और माननीय राष्ट्रपति द्वारा उनके मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) सौंपे गए।

इस अवसर पर आगामी संसदीय चुनाव 2024 के लिए मतदाता शिक्षा और जागरूकता के लिए एक मल्टी-मीडिया अभियान के लिए एक प्रतीक चिन्ह और टैगलाइन भी जारी की गई।

कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित मल्टीमीडिया प्रदर्शनी में भारतीय चुनावों की विशेषता, चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए किए गए चुनावी सुधार, तकनीकी प्रगति और चुनाव प्रबंधन नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के लिए इस वर्ष का विषय, ‘वोटिंग जैसा कुछ नहीं, मैं निश्चित रूप से वोट करता हूं’ आम चुनाव 2024 के लिए पिछले वर्ष के विषय की निरंतरता है। यह उनके वोट की शक्ति से सुसज्जित चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी के प्रति मतदाताओं की आकांक्षाओं और भावनाओं के अनुरूप है।

पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और कुछ देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय नायक और बॉलीवुड स्टार राजकुमार राव भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस (25 जनवरी 1950) को चिह्नित करने के लिए पूरे देश में हर वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उत्सव का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के बीच चुनावी जागरूकता पैदा करना और उन्हें चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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