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लद्दाख में चीन की मौजूदगी पर सेना प्रमुख के बयान पर कांग्रेस ने कहा- मोदी सरकार ने गलत दावे किए, ये देश की सुरक्षा के प्रति ‘गंभीर गिरावट’

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,13 जनवरी। लद्दाख में चीन की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य में ‘गंभीर गिरावट’ है. कांग्रेस महासचिव ने ये आरोप सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे के उस बयान के बाद लगाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘हमारा प्रयास 2020 के मध्य की स्थिति पर लौटने के लिए (चीन के साथ) बातचीत जारी रखने का है’. यह बयान याद दिलाता है कि चीनी घुसपैठ के करीब चार साल बाद भी लद्दाख में भारतीय सैनिकों को 2,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक पहुंच से रोके हुए हैं.’

जयराम रमेश ने कहा कि सेना प्रमुख की यह टिप्पणी कि ‘राजौरी-पुंछ में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ी हैं’ और ‘इस क्षेत्र में सीमा पार से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है’, यह याद दिलाता है कि सीमा पार आतंकवाद का खतरा जारी है, भले ही बार-बार झूठे दावे किए गए कि नोटबंदी या जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म होने से यह खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि पांच अगस्त, 2019 से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों में 160 से अधिक सैनिक मारे गए हैं. कांग्रेस नेता ने कहा कि ताजा हमला हाल में 12 जनवरी को पुंछ में सैनिकों पर हुआ, सौभाग्य से इस बार कोई हताहत नहीं हुआ.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति मोदी सरकार का संवेदनहीन रवैया है, जिसे वह केवल चुनावी लाभ के चश्मे से देखती है. पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक में हुए खुलासे से भी स्पष्ट है कि अग्निपथ योजना से सेना हैरान हो गई थी और नौसेना और वायु सेना के लिए, यह अचानक आए झटके की तरह था.’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘इन सभी उदाहरणों से पता चलता है कि प्रधानमंत्री के लिए, राष्ट्रीय सुरक्षा भी देश की कीमत पर उनकी छवि को चमकाने और आत्म-प्रशंसा का एक साधन बनकर रह गई है.’ रमेश ने यह भी कहा कि 19 जून, 2020 को ‘कोई घुसपैठ नहीं हुई’ बयान देकर प्रधानमंत्री का चीन को ‘क्लीन चिट’ देना शहीद सैनिकों का अपमान था और 2,000 वर्ग किलोमीटर पर चीनी नियंत्रण जारी रखने में योगदान दिया. उन्होंने कहा, ‘इस बीच, चीन हमारे पड़ोस में अपनी जगह बना रहा है. सबसे ताजा उदाहरण यह है कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत दौरे से पहले चीन की यात्रा की और चीन हमारे करीबी सहयोगी भूटान के क्षेत्र में लगातार अपनी पैठ बढ़ा रहा है.’

जयराम रमेश ने अपने बयान में आरोप लगाया, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री का मानना है कि समुद्र तट का दौरा और सोशल मीडिया अभियान भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए वास्तविक कार्रवाई का विकल्प हैं.’ कांग्रेस चीन के साथ सीमा मुद्दे से निपटने में मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करती रही है और सरकार पर चीन के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाती रही है.

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