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अयोध्या राम मंदिर के आचार्य बनेंगे मोहित पांडेय, 2950 लोगों को पछाड़कर मिला राम मंदिर का कार्यभार

समग्र समाचार सेवा
अयोध्या, 11दिसंबर। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दूधेश्वरनाथ वेद विद्यापीठ के छात्र मोहित पांडेय का चयन हुआ है। लगभग 3000 हजार पुजारियों के साक्षात्कार में से 20 का चयन किया गया है जिसमें से एक मोहित भी शामिल हैं। चयनित सभी पुजारियों को छह माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा उसके बाद नियुक्ति की जाएगी। वेद विद्यापीठ के आचार्य लक्ष्मीकांत पाढ़ी ने बताया कि मोहित सीतापुर का रहने वाले हैं। उसने दूधेश्वरनाथ वेद विद्यापीठ में सात वर्ष तक सामवेद की शिक्षा ली। सामवेद की शिक्षा पूरी होने के बाद आचार्य की पढ़ाई के लिए तिरुपति चले गए। आचार्य की डिग्री लेने के बाद वह पीएचडी की तैयारी भी कर रहे हैं। उन्होंने इस बीच राम मंदिर के पुजारी के लिए भी आवेदन किया था, जिसमें उनका चयन हो गया है। इनके अलावा ऋषभ शर्मा वहां पहले से ही पुजारी के रूप में तैनात हैं।दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरि ने बताया कि यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। इससे पहले आचार्य तयोराज उपाध्याय और आचार्य नित्यानंद को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का आमंत्रण आया है।

दरअसल, रामलला के मंदिर में पुजारी बनने के लिए आवश्यक शर्त रखी गई थी कि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त गुरुकुल से वेद, शास्त्र और संस्कृत का अध्ययन करना चाहिए। उम्मीदवार को रामानंदीय परंपरा में दीक्षित होना चाहिए। ऐसे में सभी पुजारियों के चयन के दौरान हुए साक्षात्कार में वेद, कर्मकांड और वैदिक मंत्रों के ज्ञान पर ध्यान दिया गया। इसके लिए उम्र सीमा अधिकतम 30 वर्ष तय की गई थी।

भले ही उनका चयन मुख्य पुजारी के तौर पर हुआ है, फिर भी मुख्य पुजारी की भूमिका निभाने से पहले उन्हें लंबे प्रशिक्षण से गुजरना होगा, जिसकी अवधि 6 माह है। अब प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वेद, कर्मकांड, वैदिक मंत्रों और रामायण के ज्ञान की गहन शिक्षा दी जाएगी। इस प्रशिक्षण के बाद ही पुजारी रामलला की पूजा-अर्चना का कार्य कर सकेंगे।

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