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Chief Minister Nitish Kumar laid the foundation stone for the redevelopment project of Patna Medical College and Hospital by

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की पुनर्विकास परियोजना का किया शिलान्यास

समग्र समाचार सेवा
पटना, 09फरवरी।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने पी0एम0सी0एच0 परिसर में भूमि पूजन एवं शिलापट्ट का अनावरण कर पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस समारोह में आप लोगों की उपस्थिति के लिए अभिनंदन करता हूं। स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सहित अन्य वक्ताओं ने इस परियोजना से संबंधित कई बातों की जानकारी आप लोगों के समक्ष दी है। उन्होंने कहा कि हमारा भी छात्र जीवन से ही पी0एम0सी0एच0 से लगाव रहा है। हम बगल के इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ते थे। श्रद्धेय अटल जी की सरकार में हमलोगों ने इस इंजीनियरिंग कॉलेज को एन0आई0टी0 में तब्दील कराया। कॉलेज के दिनों में इस अस्पताल में पढ़ रहे मित्रों से मिलने के लिए पी0एम0सी0एच0 में आया करते थे। पी0एम0सी0एच0 का शुरु से अपना विशिष्ट महत्व रहा है। पहले पूर्वी भारत एवं नेपाल के लोग भी यहां इलाज के लिए आते थे। पी0एम0सी0एच0 को और बेहतर बनाने के लिए अनेक डॉक्टरों से बातचीत होती रही है। पी0एम0सी0एच0 में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में हम आते रहे हैं और उस दौरान इस पर चर्चा होती रही है। जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा जी थे तो उस समय भी एक कार्यक्रम यहां आयोजित हुआ था उसमें भी हमारी इस संबंध में उनसे बातचीत हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मंगल पांडेय जी जब स्वास्थ्य मंत्री बने तो पी0एम0सी0एच0 का पुनर्निमाण कर इसे विश्वस्तरीय बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरु हुआ। इसके लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी भी बनाई गयी। आज के कार्यक्रम में एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आप सभी को दिखाया गया है कि पी0एम0सी0एच0 किस तरह से विश्वस्तरीय अस्पताल बनेगा। इसका निर्माण तीन चरणों में होगा। निर्माण के दौरान पी0एम0सी0एच0 का काम प्रभावित नहीं होगा। यहां चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के रहने के लिए आवास का बेहतर निर्माण भी किया जायेगा। इस परियोजना में एक-एक बिंदु का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बताया गया है कि इस परियोजना के पूर्ण होने का लक्ष्य 7 वर्ष निर्धारित किया गया है। मेरी ख्वाहिश है कि इसका निर्माण कार्य 5 वर्षों में पूर्ण कर लिया जाय। निर्माण कार्य तेजी से हो इसके लिए विशेषज्ञों की एक कमिटी भी बनायें जो इसका सतत् अनुश्रवण करती रहे। हम भी निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए बिना बताए बीच-बीच में आते रहेंगे और जरुरी सुझाव देते रहेंगे। किसी प्रकार की जरुरत होने पर सरकार की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा। जितने संसाधन की जरुरत होगी सब उपलब्ध कराए जाएंगे। पी0एम0सी0एच0 का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण हो ये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पी0एम0सी0एच0 में लोगों के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए इसे गंगा पथ से जोड़ा जा रहा है। अशोक राजपथ से भी एलिवेटेड सड़क बनाकर इसे जोड़ा जाएगा। यहां हेलिकॉप्टर के भी उतरने की व्यवस्था होगी ताकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को यहां लाने में सुविधा हो। यहां गाड़ियों की पार्किंग की भी उचित व्यवस्था होगी।
Chief Minister Nitish Kumar laid the foundation stone for the redevelopment project of Patna Medical College and Hospital byमुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज होगा और अनुसंधान कार्य भी किए जाएंगे। एन0एम0सी0एच0, एस0के0एम0सी0एच0 और ए0एन0एम0सी0एच0 अस्पतालों में भी बेड की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। हमलोगों का उद्देश्य है कि किसी को भी इलाज के लिए बिहार से बाहर जाना न पड़े। उन्होंने कहा कि हमलोगों की सरकार आने के पहले राज्य में स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी, सभी जानते हैं। वर्ष 2006 से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया। गांव में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जा रहा है। अब उनलोगों के लिये नई तकनीक के माध्यम से कई बीमारियों के इलाज का इंतजाम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हमलोगों ने कई कदम उठाए। चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एकजुट होकर काम किया। मैं आप सभी लोगों का इसके लिए अभिनंदन करता हूं। कोरोना संक्रमण के दौरान इससे बचाव को लेकर कई पुराने एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत होती रही है। वर्ष 2005 में सरकार में आने के बाद पल्स-पोलियो टीकाकरण का कार्य अभियान चलाकर तेजी से किया गया जिसकी प्रषंसा सभी जगह हुयी। दुनिया में कोरोना से जितने लोगों की मौत हुई उसकी तुलना में अपने देश में मरीजों की मौत कम हुई। देश में कोरोना से मृत्यु की दर 1.44 प्रतिशत रही जबकि बिहार में कोरोना से मृत्यु दर 0.58 प्रतिशत रही। 10 लाख की आबादी पर कोरोना संक्रमण की औसत जांच जितनी देश में हो रही है उससे 22 हजार ज्यादा जांच बिहार में हो रही है। प्रधानमंत्री जी को इस बात के लिए धन्यवाद करते हैं और उनका अभिनंदन करते हैं कि अपने देश में कोरोना वैक्सीन का निर्माण किया गया। प्रथम चरण के वैक्सीनेशन का काम पूरे देश में चल रहा है। दूसरे चरण के टीकाकरण में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के साथ-साथ 50 वर्ष से कम आयु के गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का वैक्सीनेशन कराया जाएगा। लोगों का वैक्सीनेशन निःशुल्क कराया जा रहा है। बिहार में टीकाकरण का काम भी तेजी से हो रहा है। बिहार में टीकाकरण की दर पूरे देष में सबसे अधिक है। बिहार में कोरोना संक्रमण बहुत घटा है लेकिन फिर भी इससे सचेत और सतर्क रहना है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि पी0एम0सी0एच0 के पुनर्विकास कार्य की शुरुआत आज हुयी है और मेरी इच्छा है कि यह पांच वर्ष में बनकर विश्वस्तरीय स्वरुप में तैयार हो जाए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने हरित पौधा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पाण्डेय ने प्रतीक चिन्ह भेंटकर किया। कार्यक्रम के दौरान पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की पुर्नविकास एवं परियोजना से संबंधित एक प्रस्तुतीकरण दिया गया।
कार्यक्रम को केन्द्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और विधि एवं न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद, स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय, विधायक श्री अरुण कुमार सिन्हा, विधायक श्री नितिन नवीन, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव श्री प्रत्यय अमृत एवं पी0एम0सी0एच0 के प्राचार्य श्री विद्यापति चैधरी ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, पी0एम0सी0एच0 के अधीक्षक श्री आई0एस0 ठाकुर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त श्री संजय कुमार अग्रवाल, बी0एस0एम0आई0सी0एल0 के प्रबंध निदेशक श्री प्रदीप झा, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक श्री मनोज कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव श्री कौशल किशोर, पुलिस महानिरीक्षक पटना रेंज श्री संजय सिंह, जिलाधिकारी डॉ0 चंद्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री उपेंद्र शर्मा सहित वरिष्ठ चिकित्सकगण, पूर्व प्राचार्य, पूर्व अधीक्षक, चिकित्सकगण, कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
कार्यक्रम के पश्चात् पत्रकारों द्वारा एम0एस0पी0 के संबंध में पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा कि किसानों से तो बातचीत चल ही रही है। प्रारंभ से यह बताया जा रहा है कि कभी भी मिनिमम सपोर्ट प्राइस समाप्त नहीं होगा बल्कि लोगों को यह आजादी होगी कि वे जहां चाहें अपना अनाज बेच सकते हैं। यह किसानों के हित में है। पंजाब, हरियाणा समेत कुछ राज्यों के किसानों को पहले से चली आ रही परंपरा के कारण भ्रम है। मुझे लगता है कि कभी भी किसानों के हित के खिलाफ कोई काम नहीं होगा। हमलोगों ने बिहार में वर्ष 2006 में ही ए0पी0एम0सी0 एक्ट को खत्म कर दिया था। हमलोगों ने बिहार के किसानों को आजादी दी। इसके बाद हमलोगों ने प्रोक्योरमेंट के लिए काम किया। अभी काफी प्रोक्योरमेंट हो रहा है। हमलोग शुरु से ही किसानों के हित में काम करते रहे हैं। कभी किसी को कष्ट नहीं हो इस पर ध्यान देते रहे हैं। केंद्र सरकार किसानों को सबकुछ एक्सप्लेन करना चाह रही है। हमलोगों को पूरी उम्मीद है कि आंदोलन कर रहे किसानों को सारी बातें स्पष्ट हो जायेंगी। मुझे भरोसा है कि बातचीत के बाद वे लोग संतुष्ट होंगे।

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