We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Live News

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogभारतजिलो की सरकारकेरल में मिला बांग्लादेशी Nipah Virus का वैरिएंट कितना घातक? स्कूल-कॉलेज दो दिनों के लिए बंद, सरकार ने की अपील

केरल में मिला बांग्लादेशी Nipah Virus का वैरिएंट कितना घातक? स्कूल-कॉलेज दो दिनों के लिए बंद, सरकार ने की अपील

समग्र समाचार सेवा
तिरुवनन्तपुरम ,15 सिंतबर। केरल में निपाह वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. कोझिकोड में ‘निपाह’ से 2 मरीजों की मौत के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन जैसी पाबंदियों का ऐलान किया गया है. सरकार ने ऐहतियातन कुछ स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों को बंद कर दिया है और 7 गांवों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है. वहीं, केरल सरकार ने गुरुवार को कहा कि लोगों को कोझिकोड जिले में फैले निपाह संक्रमण से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए. सरकार ने 2 दिनों के लिए स्कूल-कॉलेजों को भी बंद रखा है. वहीं, सरकार की तरफ से बताया गया है कि राज्य में मिले वायरस का स्वरूप बांग्लादेश में मौजूद वायरस के वेरिएंट से मिलता जुलता है, जो मानव से मानव में फैलता है. इसकी मृत्यु दर भी अधिक है. हालांकि यह वायरस कम संक्रामक है.

‘घबराएं नहीं, सावधान रहें’
1. राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने वायरस को फैलने से रोकने और संक्रमितों के उपचार को लेकर 11 सितंबर की रात से सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का विवरण दिया. उत्तर केरल जिले में निपाह वायरस से दो लोगों की मौत होने का संदेह है. उन्होंने विधानसभा में दिए एक बयान में कहा, ‘घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. हम सब साथ मिलकर सावधानी से इस समस्या का सामना कर सकते हैं.’

2. दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले इस वायरस से कोझिकोड जिले में दो लोगों की मौत हुई है और तीन अन्य संक्रमित हैं. बुधवार को 24 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी के निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद केरल में इस बीमारी का 5वां मामला सामने आया था. तीनों संक्रमित व्यक्तियों का इलाज किया जा रहा है, जिसमें से एक 9 साल के बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है.

3. सरकार ने ICMR को मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का ऑर्डर दिया है. निपाह वायरस के लिए यही एकमात्र एंटी-वायरल उपचार है, हालांकि इसे अभी क्लिनिकल मंजूरी नहीं मिली है. वायरस के बढ़ते मामलों के बीच गुरुवार 14 सितंबर को सभी स्कूल-कॉलेज दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया गया है.

4. कोझिकोड की जिलाधिकारी ए गीता ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि छात्रों के लिए शैक्षिक संस्थान दो दिनों तक ऑनलाइन क्लास की व्यवस्था कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की परीक्षा सारणी में कोई परिवर्तन नहीं होगा. इस बीच, कोझिकोड में निपाह वायरस के संक्रमण को देखते हुए पड़ोसी जिले वायनाड में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.

5. वायनाड जिला प्रशासन ने 15 कोर समितियों का गठन किया है जो संक्रमण के रोकथाम एवं निगरानी गतिविधियों का नेतृत्व करते हुए आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने का कार्य करेंगी. राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया था कि उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आने वाले सभी 76 लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है.

6. कोझिकोड प्रशासन ने बीमारी की गंभीर प्रकृति को देखते हुए मंगलवार को सात ग्राम पंचायतों अतानचेरी, मारुथोंकारा, तिरुवल्लुर, कुट्टियाडी, कयाक्कोडी, विल्यापल्ली और कविलुम्परा को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया था.

7. जिलाधिकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में जरूरी सामानों की बिक्री करने वाली दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक खोली जा सकेंगी, जबकि दवा की दुकानों और स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है. साथ ही स्थानीय स्व-सरकारी संस्थान और ग्राम कार्यालय न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं.

8. जिलाधिकारी ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में बैंक, अन्य सरकारी या अर्द्ध-सरकारी संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी संचालित नहीं होने चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता को ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए और स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों का रुख करने से बचना चाहिए.

9. निपाह वायरस के क्या हैं लक्षण? निपाह वायरस एक ऐसा वायरस है जो जानवरों से इंसान में फैलता है. यह बीमारी जूनोटिक वायरस है. जूनोटिक वायरस एक ऐसा संक्रमण होता है जो इंसान और जानवरों के बीच फैलता है. यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है. Nipah Virus सुअरों से भी इंसानों में फैल सकता है. यह जानलेवा संक्रमण है जिसके लिए अभी तक कोई दवा या टीका नहीं है.

10. Nipah Virus एशिया में सबसे ज्यादा फैलता है जिनमें बांग्लादेश और भारत देश में इसके मरीज आम हैं. यह वायरस इंसानों में बकरी, घोड़े, कुत्ते या बिल्लियों के जरिए भी फैल सकता है. यह वायरस आम तौर पर इंसानों के बीच संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है. अगर कोई इंसान निपाह वायरस से संक्रमित किसी जानवर के रक्त, मल, पेशाब या लार के संपर्क में आता है, तो यह वायरस उससे इंसानों में फैल जाता है.

11. निपाह वायरस के शुरुआती लक्षणों में बुखार शामिल है. इसके साथ ही तेज सिर दर्द होता है. इस खतरनाक वायरस के अन्य लक्षण भी हैं. इनमें बुखार आना, सिर दर्द, सांस लेने में कठिनाई, खांसी और खराब गला, दस्त और उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी शामिल हैं.

Related Post

Tags