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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी में आज जयपुर में विशाल योग महोत्सव

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 02मई। 21 जून 2023 को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पचास दिन पूर्व, मंगलवार 2 मई को योग महोत्सव का आयोजन भवानी निकेतन शिक्षा समिति के खेल मैदान में किया जाएगा। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के तहत कार्यरत स्वायत्त संस्था मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के सहयोग से तथा राजस्थान सरकार, स्थानीय अधिकारियों और योग से जुड़े स्थानीय संस्थानों के सक्रिय सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है।

इस अवसर पर राजस्थान के माननीय राज्यपाल कलराज मिश्र, केंद्रीय आयुष और बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोणोवाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय संसदीय कार्य एवं संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री, कैलाश चौधरी, केंद्रीय आयुष और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई राजस्थान के अनेक संसद सदस्यों के साथ, आयुष सचिव, वैद्य राजेश कोटेचा, कुलपति राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), जयपुर के प्रो. संजीव शर्मा और आयुष मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस योग महोत्सव में भाग लेंगे।

आयोजन स्थल पर ही आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि कल होने वाला यह आयोजन राजस्थान में योग के माध्यम से मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को निश्चित रूप से बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) मनाया जाता रहा है, जो एक ऐतिहासिक इवेंट बन चुका है। इसे राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर मनाने का उत्साह लगातार बढ़ता रहा है। इस वर्ष के आईडीवाई-2023 पर आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्र में कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन अपने आप में एक नायाब उपलब्धि होगी।

राजस्थान में इस योग महोत्सव का आयोजन करने के निर्णय पर विस्तार से बताते हुए सोनोवाल ने कहा, हर साल हजारों विदेशी पर्यटक राजस्थान आते हैं और योग तथा योग चिकित्सा सीखने के लिए कई योग संस्थानों की सेवाएं लेते हैं। मैं इन योग संस्थानों के लिए मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के लिहाज से अपार अवसर देखता हूं। भारत सरकार विलेज टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है। योग राजस्थान में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकता है। मुझे यकीन है कि कल का सामूहिक प्रदर्शन राजस्थान में योग के प्रति उत्साह को बढ़ावा देने में मदद करेगा।

इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की कार्य योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मंत्री ने कहा, ‘इस वर्ष, आयुष मंत्रालय सभी दुनिया भर के महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर सामान्य योग प्रोटोकॉल प्रदर्शनों के आयोजन की संभावना तलाश रहा है। इस अनूठे ओशन रिंग फॉर योग कार्यक्रम के लिए विदेश मंत्रालय, पोत-परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना के साथ परामर्श किया जा रहा है।

ग्रामीण आबादी को बड़े पैमाने पर जोडऩे का प्रयास
मंत्री सोनोवाल ने आगे बताया कि आईडीवाई 2023 का एक अन्य आकर्षण ‘प्रत्येक राज्य में आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीण आबादी को जोडऩे का हमारा प्रयास होगा। एक आयुष ग्राम दो-तीन गांवों का एक समूह होगा और इसमें औसतन 3,000 से अधिक आबादी शामिल होगी। चिन्हित गांवों में योग प्रशिक्षकों की नियुक्ति कर विशेष प्रशिक्षण के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा ताकि प्रत्येक आयुष ग्राम 21 जून 2023 को CSCs का प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहे।

ग्रामीणों इलाकों में योग का संदेश पहुंचाने के लिए कम्यूनिटी रेडियो नेटवर्क का उपयोग करते हुए देश के 2 लाख से अधिक गांवों में CYP प्रशिक्षण के लिए इस वर्ष सामान्य सेवा केंद्रों के व्यापक नेटवर्क का भी उपयोग किया जाएगा। साथ ही, ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचने के अलावा ग्रामीण लोगों में योग के संदेश को फैलाने के लिए कॉमनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फॉर एशिया (सीईएमसीए-सेम्का) के कम्यूनिटी रेडियो नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।

वैलनेस केंद्रों के माध्यम से योग प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था
मंत्रालय देश भर में फैले सभी हैल्थ एवं वेलनेस केंद्रों में सीवाईपी आयोजित करने की भी योजना बना रहा है। देश भर में आयुष हैल्थ एवं वेलनेस केंद्रों (एएचडब्ल्यूसी) सहित सभी एचडब्ल्यूसी में सीवाईपी आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। योग प्रशिक्षण के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां यह बताना जरूरी है कि राजस्थान राज्य उन कई राज्यों में है, जहां वर्षों से आयुष प्रणाली से संबंधित बुनियादी ढांचा और स्थानीय समुदायों के बीच इसकी स्वीकार्यता मजबूत हुई है। भारत सरकार की हील इन इंडिया पहल के लिए भी राजस्थान एक महत्वपूर्ण राज्य के रूप में उभर रहा है।

आयुष मंत्री ने सभी सहयोगियों से अपील की कि कार्यस्थल पर योग करने के लिए पांच मिनट के वाई-ब्रेक ऐप तथा योग ऑन चेयर प्रोटोकॉल को अपनाने के लिए जोरशोर से प्रचार करें।

दुनिया भर में बढ़ती स्वीकार्यता, जी-20 प्रतिनिधियों की हो रही भागीदारी
केंद्रीय आयुष मंत्री ने इस तथ्य को भी रेखांकित किया कि दुनिया भर में योग की बढ़ती स्वीकार्यता की एक झलक देश में बड़ी संख्य में आये जी-20 प्रतिनिधियों की योग कार्यक्रमों भागीदारी में फिर से मिल रही है।

राज्य सरकार को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने लगभग रु 230 करोड़ जारी किये
राजस्थान सरकार के साथ की गई विभिन्न सहयोगी गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताते हुए, श्री सोणोवाल ने कहा कि आयुष मंत्रालय मौजूदा आयुष औषधालयों को अपग्रेड करके हुए 2019 आयुष हैल्थ एंड वैलनेस केंद्रों की स्थापना के लिए राज्य सरकार का समर्थन कर रहा है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए 61 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं और 919 एएचडब्ल्यूसी कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2014-15 से 2022-23 तक राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत राज्य वार्षिक कार्य योजनाओं (एसएएपी) में प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने राज्य सरकार को लगभग रु 230 करोड़ जारी किये हैं।

आयुष मंत्री ने बताया कि आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा अध्यक्षता में आज राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ राज्य के आयुष से जुड़े अनेक मुद्दों पर बैठक भी हुई। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की नेशनल आयुष मिशन योजना के तहत की जा सकने वाली पहलों के लिए राज्य सरकार ने मदद के अनेक प्रस्तावों पर बात की है। इनमें प्रमुख हैं—

. भरतपुर और सवाईमाधोपुर में 50 बेड वाले एक-एक नये इंटीग्रेटेड अस्पताल के लिए 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता
. वर्तमान में चल रहे 5 इंटीग्रेटेड अस्पतालों के लिए 13.69 करोड़ रुपये
. सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (निपसिड) के लिए 10.51 करोड़ रुपये
. 59 डिस्पेंसरियों के उच्चीकरण के लिए 14.75 करोड़ रुपये
आयुष मंत्रालय इस संबंध में राज्य सरकार से प्रस्ताव आने पर अपनी तत्संबंधी योजना-गाइडलाइन के तहत विचार कर निश्चित रूप से वित्तीय सहायता पर सकारात्मक निर्णय करेगा

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