Month: December 2025
इंडिगो उड़ान संकट पर केंद्र का त्वरित हस्तक्षेप, तीन दिनों में सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद
उड़ान रद्द होने पर पूर्ण धनवापसी स्वतः जारी की जाएगी लंबे विलंब में फंसे यात्रियों को होटल आवास...
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- December 6, 2025
राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 06 दिसंबर: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत...
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- December 6, 2025
उड़ानें रद्द होने के बीच भारतीय रेल का बड़ा कदम: 37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच
37 ट्रेनों में 116 अतिरिक्त कोच, देशभर में 114 अतिरिक्त फेरे दक्षिण रेलवे ने 18 ट्रेनों में सबसे...
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- December 6, 2025
‘सांसद खेल महोत्सव 2025’ का अहमदाबाद में हुआ भव्य समापन
सांसद खेल महोत्सव 2025’ में 1.5 लाख से ज़्यादा पंजीकरण, लगभग 70 हज़ार महिला खिलाड़ी शामिल गुजरात को...
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- December 6, 2025
नागा सांस्कृतिक परंपरा में शामिल हुए सिंधिया, ₹645 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को नई गति
समग्र समाचार सेवा कोहिमा, नागालैंड |5 दिसंबर: संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज शुक्रवार...
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- December 6, 2025
केआरसी फाउंडेशन और नीडोनॉमिक्स फाउंडेशन ने नैतिक, आवश्यकता-आधारित विकास को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक साझेदारी की
नई दिल्ली, 03 दिसंबर: भारतीय नैतिक ज्ञान को समकालीन शोध और नीति निर्माण से जोड़ने की दिशा में एक...
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- December 4, 2025
दिव्यांगजन दिवस पर रोटरी ने बांटी 100 व्हीलचेयर
भव्य आयोजन: रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली सफदरजंग और दिल्ली स्टडी ग्रुप ने 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस...
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- December 3, 2025
संचार साथी ऐप पर सिंधिया का स्पष्ट संदेश: डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षा, जासूसी का कोई खतरा नहीं
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 04 दिसंबर:आज बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर...
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- December 3, 2025
भारतीय श्रम सुधार: संतुलन और न्याय पर नीडोनॉमिक्स दृष्टिकोण
प्रो. मदन मोहन गोयल, प्रवर्तक – नीडोनॉमिक्स एवं पूर्व कुलपति भारत में लंबे समय से प्रतीक्षित श्रम सुधार—29 केंद्रीय श्रम कानूनों का चार आधुनिक श्रम संहिताओं में विलय—नियोक्ताओं, कर्मचारियों और राज्य के बीच संबंधों को पुनर्गठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियों से संबंधित ये चार श्रम संहिताएं, व्यवसाय में आसानी, रोजगार के औपचारिकरण और श्रमिक कल्याण को बढ़ाने में सक्षम परिवर्तनकारी सुधारों के रूप में देखी गई थीं। नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ थॉट (एनएसटी), जो “आवश्यकता-आधारित, तार्किक और संतुलित निर्णय” पर आधारित है, इन सुधारों का स्वागत एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक हस्तक्षेप के रूप में करता है। परंतु एनएसटी यह भी मूल्यांकन करता है कि क्या ये संहिताएं वास्तव में वादा किए गए परिवर्तन को पूरा करती हैं या केवल पुराने जटिल कानूनों को एक छोटे परंतु समान रूप से जटिल ढांचे में सिमटाती हैं। 1. 29 कानूनों से 4 संहिताओं तक: संरचनात्मक बदलाव, परंतु छलांग नहीं 29 श्रम कानूनों का चार संहिताओं में समेकन एक आवश्यक सरलीकरण माना गया है। दशकों तक भारत की श्रम कानून व्यवस्था एक घने, उलझे हुए और कठिन जंगल जैसी थी। NST स्वीकार करता है कि इस जंगल की छंटाई स्वागत योग्य है। लेकिन केवल रूप में सरलीकरण, आत्मा में सरलीकरण की गारंटी नहीं देता। एनएसटी के अनुसार यह सुधार तेज छलांग नहीं बल्कि “धीमी रेंग” है। संहिताएं पुराने कानूनों को व्यवस्थित और सरल जरूर करती हैं, परंतु श्रम विनियमन की दार्शनिक आधारशिला को नहीं बदलतीं। कई क्षेत्रों में यह व्यवसाय-हितैषी दिखाई देती हैं, पर बिना बड़े श्रमिक प्रतिरोध के—यह संकेत है कि परिवर्तन क्रमिक है, क्रांतिकारी नहीं। 2. नियोक्ताओं को लचीलापन: व्यावहारिक लेकिन सीमित छंटनी, ले-ऑफ और इकाई बंद करने की अनुमति की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारियों तक करना सबसे चर्चित बदलावों में से है। इससे कंपनियों को कार्यबल समायोजन में अधिक लचीलापन मिलता है। फिक्स्ड-टर्म रोजगार की अनुमति, महिलाओं को सुरक्षा प्रावधानों के साथ रात की पारी में काम करने का अधिकार आदि सकारात्मक कदम हैं और एनएसटी की लैंगिक न्याय तथा उत्पादक समावेशन की अवधारणा के अनुरूप हैं। फिर भी एनएसटी चेतावनी देता है कि यह लचीलापन असमान है। फिक्स्ड-टर्म रोजगार का दुरुपयोग नौकरी की असुरक्षा बढ़ा सकता है। लाभों की निगरानी एक चुनौती बनी रहेगी। 3. न्यूनतम मजदूरी की पहेली: जटिलता बनी रही भारत में अब 24 अलग-अलग न्यूनतम वेतन स्लैब हैं—चार कौशल श्रेणियां × छह कार्य स्थितियां। एनएसटी पूछता है: इतनी जटिल प्रणाली की निगरानी कौन करेगा? क्या राज्यों में पर्याप्त क्षमता है? क्या इससे नए विवाद पैदा होंगे? नीडोनॉमिक्स सादगी और पारदर्शिता का समर्थन करता है—इस दृष्टि से यह ढांचा अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता।...
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- December 3, 2025
शिवपुरी में लगेगी 108 फुट की शिव प्रतिमा: सिंधिया
आध्यात्मिक संगम: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बृहस्पतिवार को शिवपुरी में बाबा बागेश्वर धाम सरकार, श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री...
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- December 2, 2025







