Day: August 27, 2025
मुजफ्फरपुर में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने चलाई बाइक, प्रियंका गांधी बनीं साथी – वोटर अधिकार यात्रा ने पकड़ा जोर
समग्र समाचार सेवा मुजफ्फरपुर, 27 अगस्त: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता...
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- August 27, 2025
राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला: गुमनाम दलों को मिले 4,300 करोड़ पर उठाए सवाल
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 27 अगस्त: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने...
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- August 27, 2025
अस्पताल निर्माण घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, AAP प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के घर छापा
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 27 अगस्त: अस्पताल निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर मंगलवार को...
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- August 27, 2025
असम भाजपा का पंचायत सम्मेलन 29 अगस्त को, अमित शाह की मौजूदगी में बजेगा चुनावी बिगुल
समग्र समाचार सेवा गुवाहाटी, 27 अगस्त: असम भाजपा 29 अगस्त को एक भव्य “पंचायत सम्मेलन” आयोजित करने जा...
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- August 27, 2025
वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: मृतकों की संख्या 32, बचाव कार्य तेज
समग्र समाचार सेवा कटरा/जम्मू, 27 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर मंगलवार...
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- August 27, 2025
असम में कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार: चार्जशीट और सजा दर में जबरदस्त बढ़ोतरी
समग्र समाचार सेवा गुवाहाटी, 27 अगस्त: पिछले पाँच वर्षों में असम में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया...
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- August 27, 2025
गेहूं और जौ उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, लागत घटाना भी जरूरी: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
समग्र समाचार सेवा ग्वालियर, 27 अगस्त: भारत की कृषि नीति को और मजबूत बनाने के लिए केन्द्रीय कृषि...
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- August 27, 2025
गणेश चतुर्थी पर प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं, कहा– देश में खुशहाली और समृद्धि आए
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 27 अगस्त: गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों...
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- August 27, 2025
नीडोनॉमिक्स जीवनशैली में गरिमामयी वृद्धावस्था : सिर और हृदय हेतु स्वस्थ आदतें
प्रो. मदन मोहन गोयल, नीडोनॉमिक्स के प्रवर्तक एवं पूर्व कुलपति बुढ़ापा मानव जीवन की सबसे स्वाभाविक और अनिवार्य प्रक्रिया है। जन्म के क्षण से ही जीवन की उलटी गिनती आरम्भ हो जाती है और अवनति की धारा चलने लगती है। फिर भी हम किस प्रकार गरिमापूर्ण और सार्थक रूप से वृद्धावस्था में प्रवेश करते हैं, यह हमारे नियंत्रण में है। नीडोनॉमिक्स स्कूल ऑफ़ थॉट ( एनएसटी) इस वास्तविकता से निपटने के लिए एक संतुलित जीवनशैली प्रदान करता है—बुढ़ापे को उलटने की असंभव कोशिश नहीं, बल्कि “ब्रेक” लगाकर उसकी गति को धीमा करने का मार्ग दिखाता है। यह दृष्टिकोण हमें देखभाल, विश्वास और सचेत विकल्पों के साथ जीना सिखाता है। बुढ़ापा : एक अपरिहार्य सच्चाई बुढ़ापा सभी को आता है; यह न तो कोई बीमारी है और न ही दंड, बल्कि जीवन का स्वाभाविक चरण है। तथापि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और आनंद का समयपूर्व क्षरण रोका जा सकता है। एनएसटी में जीवन को वाहन का रूपक दिया गया है: यदि हम सावधानी, जागरूकता और संयम के साथ वाहन नहीं चलाते, तो दुर्घटनाएँ (बीमारी, तनाव और आत्मिक पतन) निश्चित हैं। समय पर ब्रेक लगाने से यात्रा रुकती नहीं, बल्कि सुरक्षित और सुचारु हो जाती है। एनएसटी का ढांचा शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन साधने वाली आवश्यकताओं पर आधारित आदतों के निर्माण पर बल देता है। यदि इन्हें निरंतर साधा जाए, तो ये आदतें अनावश्यक क्षरण पर रोक लगाकर हमें गरिमा, स्वास्थ्य और ज्ञान के साथ उम्रदराज़ होने में मदद करती हैं। बुढ़ापे में सही आचरण की अनिवार्यता 1. गहरी नींद और जल्दी उठने की शक्ति बुढ़ापे की गुणवत्ता नींद की गुणवत्ता से जुड़ी है। तनाव, डिजिटल लत और अस्वस्थ जीवनशैली नींद में बाधा डालकर बुढ़ापे की गति बढ़ाती हैं। एनएसटी इस तथ्य पर जोर देता है कि गहरी नींद कोई विलासिता नहीं, बल्कि आवश्यकता है। समय पर सोना और जल्दी उठना हमें प्रकृति की लय के अनुरूप बनाता है। प्रातःकाल का समय सबसे शांत और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है, जो ध्यान और आत्मचिंतन के लिए श्रेष्ठ है। गहरी नींद के बाद जल्दी उठने से हमारी ऊर्जा, सृजनशीलता और स्पष्टता बढ़ती है। 2. ध्यान : बच्चे के खेल की तरह ध्यान को प्रायः जटिल साधना माना जाता है, पर एनएसटी इसे सहज बनाता है—सांस लेना और छोड़ना, और उसे साक्षी भाव से देखना। श्वास का यह साक्षी ध्यान न केवल तनाव घटाता है, बल्कि भावनात्मक लचीलापन, एकाग्रता और प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। यह हृदय को युवा बनाए रखता है, चाहे जैविक आयु कुछ भी हो। 3. नीडो-उपभोग : सजग भोजन और जलपान एनएसटी में नीडो-उपभोग की अवधारणा है—यानी चाहत नहीं, आवश्यकता पर आधारित भोजन। हमारे खान-पान की आदतें सीधे बुढ़ापे को प्रभावित करती हैं। साबुत अनाज, फल, सब्ज़ियाँ और पर्याप्त जल सेवन शरीर को पोषण देकर उम्रजनित क्षरण को धीमा करते हैं। इसके विपरीत, फास्ट फूड, चीनी और प्रसंस्कृत भोजन बुढ़ापे की गति तेज करते हैं। शरीर को परमात्मा का मंदिर मानते हुए, एनएसटी भोजन को संयमित, संतुलित और स्वास्थ्यसम्मत बनाने की सीख देता है। 4. शारीरिक स्वास्थ्य : एक पवित्र कर्तव्य गरिमापूर्ण वृद्धावस्था के लिए शरीर की देखभाल आवश्यक है। नियमित व्यायाम, टहलना और खिंचाव अभ्यास कोई विकल्प नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। शरीर की उपेक्षा रोकथाम योग्य बीमारियों और थकान को जन्म देती है। एनएसटी निवारक देखभाल पर बल देता है: समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, आत्म-निगरानी और जीवनशैली में सुधार। शरीर को पवित्र मानकर हम उसे आत्मा का पात्र बनाए रखते हैं।...
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