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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का भारत से तनाव, शेख हसीना के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने की तैयारी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,10 नवम्बर। 

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत के प्रति कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने का प्रयास किया जा सकता है। अंतरिम सरकार के विधि सलाहकार आसिफ नजरूल ने बताया कि सरकार जुलाई और अगस्त में छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई ‘हत्याओं और नरसंहार’ के मामलों में भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध करेगी।

आज सुबह अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण का दौरा करने के बाद नजरूल ने कहा, “यह कदम जल्द उठाया जाएगा,” और यह भी बताया कि सरकार दोषियों को वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

गौरतलब है कि जुलाई-अगस्त में बांग्लादेश में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 753 लोगों की मौत हुई और हजारों घायल हुए थे। इस दौरान शेख हसीना भारत में शरण लेने के लिए भाग आईं, जहां मोदी सरकार ने उन्हें अस्थायी रूप से आश्रय दे रखा है। हालांकि, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कई बार शेख हसीना की वापसी की मौखिक मांग की है, लेकिन भारत को अब तक कोई आधिकारिक प्रत्यर्पण अनुरोध नहीं मिला है।

भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि:

2013 में भारत और बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसे 2016 में संशोधित किया गया था ताकि दोनों देशों के भगोड़ों का आदान-प्रदान और तेजी से हो सके। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच न्यायिक सहयोग को बढ़ावा देना था, खासकर उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े भगोड़ों को लेकर।

प्रत्यर्पण संधि के तहत, दोनों देश एक-दूसरे को ऐसे व्यक्तियों को प्रत्यर्पित कर सकते हैं जो प्रत्यर्पण योग्य अपराधों में दोषी पाए गए हों। इन अपराधों में वित्तीय अपराध भी शामिल हैं, और प्रत्यर्पण के लिए दोहरी आपराधिकता का सिद्धांत लागू होता है, यानी अपराध दोनों देशों में दंडनीय होना चाहिए।

हालांकि, जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत सरकार शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने के लिए तैयार नहीं होगी। इस परिस्थिति में, मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा इंटरपोल नोटिस की पहल भारत-बांग्लादेश संबंधों में और तनाव ला सकती है, और दोनों देशों के बीच राजनीतिक विवाद का कारण बन सकती है।

 

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