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पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट शेयर की, गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार

समग्र समाचार सेवा
अहमदाबाद, 10 जून।गुजरात हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोपी अफसलभाई कसमभाई लखानी की जमानत याचिका खारिज कर दी. न्यायमूर्ति निरजार देसाई की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री को पंसद या नापसंद करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उनके खिलाफ अपमानजनक और अपमानजनक भाषा का उपयोग करना अनुचित है.न्यायमूर्ति देसाई ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी व्यक्ति को पसंद या नापसंद करने का अधिकार है, लेकिन यह उसे प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपमानजनक या अपमानजनक भाषा का उपयोग करने का अधिकार नहीं है. इसलिए इस अदालात द्वारा केवल सामान्य टिप्पणियां की जाती हैं.

जस्टिस देसाई ने कहा कि लखानी की पोस्ट सामाजिक शांति को भंग करने की सामग्री थी. उनकी पोस्ट में न केवल पीएम और उनकी दिवंगत मां के बारे में अपमानजनक टिप्पणी थी, बल्कि पोर्नोग्राफी और अश्लील सामग्री भी शामिल थी. अदालत ने आगे कहा कि लखानी ने पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी सामग्री साझा की थी जो सांप्रदायिक कलह और सामाजिक अशांति को भड़का सकती थी.

न्यायमूर्ति देसाई ने कहा कि पोस्ट में प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली भाषा अत्यधिक अपमानजनक थी कि उनका उल्लेख अपने आर्डर में नहीं कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि पोस्ट एजेंडा से प्रेरित प्रतीत होती हैं. यहां तक कि अगर अपराध के लिए अधिकतम पांच साल की सजा पर विचार किया जाता है, तो मुझे जमानत देने के लिए कोई बाध्यकारी कारण नहीं मिलता है.

अदालत ने अपने फैसले में संकेत दिया कि पोस्ट का उद्देश्य न केवल देश के नेता की छवि को धूमिल करना था, बल्कि लखानी के व्यक्तिगत छिपे हुए एजेंडे को पूरा करना भी था. न्यायमूर्ति देसाई ने चिंता व्यक्त की कि यदि ऐसे व्यक्ति को जमानत दे दी जाती है, तो इस बात की पूरी उम्मीद है कि वह एक बार फिर किसी अन्य नाम का उपयोग करके और फर्जी आईडी बनाकर इस तरह का अपराध कर सकता है, क्योंकि तकनीक अब तक उन्नत हो चुकी है और एक बार ऐसे व्यक्ति को समाज में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति मिल जाती है.

वे सोशल मीडिया पर उसकी पोस्ट से नुकसान कर सकते हैं और एक बार नुकसान हो जाने के बाद, उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने और उसे दंडित करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि जब तक ऐसे व्यक्ति की पहचान की जाती है, तब तक बड़ा नुकसान गड़बड़ी के रूप में पहले ही हो चुका होता है. पुलिस ने देवुभाई गढ़वी की शिकायत पर मामला दर्ज करके लखानी को गिरफ्तार किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि वह फेसबुक पेज ‘गुजरात त्रस्त भाजपा मस्त’ पर आए, जिसमें पीएम मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किए गए थे. पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी लखानी के खिलाफ मानहानि, अभद्र भाषा, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, अश्लीलता, सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम के साथ अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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