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Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogटिकरअब फेसबुक, गूगल जैसी 8 अमेरिकी कंपनियों के शेयर मार्केट में, खरीदने के लिए क्या करना होगा जानें?

अब फेसबुक, गूगल जैसी 8 अमेरिकी कंपनियों के शेयर मार्केट में, खरीदने के लिए क्या करना होगा जानें?

समग्र समाचार सेवा

वाशिंगटन, 3 मार्च। इंडियन इनवेस्टर्स के लिए आज का दिन खास है। आज उनकी एक बड़ी चाहत पूरी होने जा रही है। वे आज से फेसबुक और गूगल  जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के शेयर में इनवेस्ट कर सकेंगे। उन्हें इन कंपनियों के शेयरों में सीधे इनवेस्ट करने का मौका मिलने जा रहा है। इसकी तैयारी काफी पहले से चल रही थी। 3 मार्च से इसकी शुरुआत हो चुकी है। अमेरिकी शेयरों में इनवेस्ट करने के लिए आपका समय पूरी तरह से अलग होगा। आप रात 8:30 बजे से अगले दिन दोपहर 2:30 बजे तक रोजाना (शनिवार-रविवार छोड़कर) अमेरिकी शेयरों में सीधे इनवेस्ट कर सकेंगे।

इन कंपनियों के शेयर घर बैठकर खरीद सकेंगे

अभी आप सिर्फ 8 अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में सीधे इनवेस्ट कर सकेंगे। इनमें अमेजन, टेस्ला, अलफाबेट, मेटा प्लेटफॉर्म, माइक्रोसॉफ्ट, नेटफ्लिक्स , एपल और वॉलमार्ट शामिल हैं। जल्द और 42 दिग्गज अमेरिकी कंपनियों में आपको सीधे इनवेस्ट करने की सुविधा मिलेगी।

किस एक्सचेंज के जरिए होगा यह इनवेस्टेमेंट?

इसके लिए एनएसई ने एक सब्सिडियरी एक्सचेंज बनाया है। इसका नाम NSE IFSC है। इसकी शुरुआत 29 नवंबर, 2016 को हुई थी। यह गुजरात की गिफ्ट सिटी  में है। दरअसल, गिफ्ट सिटी में स्थित स्टॉक एक्सचेंज को दूसरे देश की करेंसी या सिक्योरिटी में ट्रेडिंग ऑफर करने की इजाजत है।

क्या इसके लिए मुझे अलग डीमैंट अकाउंट खोलना होगा?

हां, आपको अमेरिकी शेयरों में सीधे इनवेस्ट करने के लिए एनएसई आईएफएससी में एक डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इस डीमैट अकाउंट में आप अपने डिपॉजिटरी रिसीट को रख सकेंगे। आपको अंडरलाइंग स्टॉक से जुड़े हर कॉर्पोरेट एक्शन का फायदा उसी तरह मिलेगा जिस तरह अमेरिकी शेयर में इनवेस्ट करने वाले एक अमेरिकी को मिलता है। आप एक साल में अमेरिकी शेयरों में करीब 1.9 करोड़ रुपये तक इनवेस्ट कर सकते हैं।

निवेश से होने वाले प्रॉफिट पर कितना टैक्स लगेगा?

अमेरिकी शेयरों में निवेश पर इश्यू होने वाली डिपॉजिटरी रिसीट को इनकम टैक्स के लिहाज से इंडिया में फॉरेन एसेट माना जाता है। इसलिए इसके मुनाफे पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के नियम लागू होंगे। शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस पर टैक्स आपके स्लैब के हिसाब से लगेगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर इंडेक्सेशन के साथ आपको 20 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।

मुझे अमेरिकी शेयरों में इनवेस्ट करने के लिए क्या करना होगा?

आपको सबसे पहले आईएफएसए रिजस्टर्ड एक ट्रेडिंग मेंबर के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए केवाईसी जरूरी होगी। इसके बाद आपको बैंक को उदारीकृत प्रेषण योजना  (एलआरएस) के लिए जरूरी डॉक्युमेंट देने होंगे। फिर अपने अकाउंट से पैसे ट्रेडिंग मेंबर के अकाउंट में ट्रांसफर करने होंगे। इसके बाद आप सीधे अमेरिकी शेयरों में इनवेस्ट कर सकेंगे।

अमेरिकी शेयरों की कीमतें बहुत ज्यादा हैंक्या मैं फ्रैक्शन में शेयर खरीद सकता हूं?

हां, आप फ्रैक्शन में शेयर खरीद सकते हैं। एनएसई आईएफएससी ने कहा है कि वह निश्चित रेशियो में डिपॉजिटरी रिसीट जारी करेगी। उदाहरण के लिए टेस्ला का एक शेयर 100 एनएससी आईएफएससी रिसीट के बराबर होगा। अमेजन का एक शेयर 200 एनएससी आईएफएससी रिसीट के बराबर होगा। इसी तरह दूसरी अमेरिकी कंपनियों के शेयरों के रेशियो तय किए गए हैं। आप अपनी सुविधा से उनमें इनवेस्ट कर सकेंगे।

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